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1/1/26

दो पैसे के बल पर समझे खुद को भगवान :-साक्षी कुमारी

 


शीर्षक:- सच 

सोना चांदी मूल्यवान है,

मगर समय बलवान।

चाहे कितना भी धनवान हो,,

मगर मोक्ष मिले शमशान।।


अहंकार जब रावण जैसा,

पूजनीय क्यों राम।

कहते हो तुम बालक जिसको,,

असल वही शैतान।।


जिसको मानो हित जगत में,

वही बने हैवान।

कम से पहले फल ये चाहे,,

और करें विश्राम।।


इस धरा पर जन्मे,

है सभी मेहमान।

दो पैसे के बल पर,,

समझे खुद को भगवान।।

                 साक्षी कुमारी

( गोआरी सहरसा, बिहार)


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                 धन्यवाद :- साहित्य आजकल टीम 

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