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नमस्ते एवं सादर अभिनंदन
मैं हरे कृष्ण प्रकाश, आपका अपने साहित्यिक मंच “साहित्य आजकल (Sahitya Aajkal)” पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ।
साहित्य आजकल एक ऐसा ऑनलाइन साहित्यिक मंच है, जिसका उद्देश्य साहित्य को नई दिशा देना, नवोदित एवं स्थापित रचनाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचाना है।
इस मंच पर आपको मेरी स्वरचित कविताओं के साथ-साथ देश के अनेक प्रतिष्ठित एवं नामचीन कवियों की रचनाएँ भी पढ़ने और सुनने को मिलेंगी। इसके अतिरिक्त कवि, लेखक एवं शिक्षक अपनी कविता, कहानी, ग़ज़ल, लेख तथा प्रश्नोत्तर जैसी रचनात्मक प्रस्तुतियाँ भी प्रकाशित करवा सकते हैं।
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धन्यवाद एवं सादर आभार।
हरे कृष्ण प्रकाश
संस्थापक एवं संपादक — साहित्य आजकल
युवा कवि | शिक्षक | पूर्णियाँ, बिहार
बहुत बहुत धन्यवाद सर 🙏
ReplyDeleteVerry good
ReplyDeleteबहुत सुंदर 💐👌👌💐💐
ReplyDeletehttps://hindisarijan.blogspot.com/2021/07/best-love-poem.html
शुक्रिया
ReplyDeleteHello sir mai apni Kavita ko kaise publish kr sakti hun please mujhe guide kijiye
ReplyDeleteGood One, Keep it up https://www.dainiksahitya.com/
ReplyDeleteI want to show my hindi poem
ReplyDeleteSir mai bhi apni beti ki kavita chapwana chahti hu
ReplyDeleteSir meri kavita kese prakashit kr skti hu
ReplyDeleteसर मेरी व्हाट्सएप पर भेजी गई कविताएं प्रकाशित नहीं हुई आज फिर से ईमेल पर भेज दिया है। Plz publish
ReplyDeleteJi sir good morning
ReplyDeleteराम भी वही, रहीम भी वही,
ReplyDeleteमंदिर वही, मस्जिद वही।
धरती वही, जल भी वही,
पर मनुष्य क्यों है
हिंदू और अली?
हवा वही, आकाश वही,
सबकी धड़कन, साँस वही।
रंग अलग हों, खून तो वही,
फिर नफ़रत की बात क्यों सही?
मिल-जुलकर जब रह सकते हैं,
तो दीवारें क्यों चुनते हैं?
नाम अलग हैं, दिल तो वही,
इंसानियत सबसे बड़ी सही।