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स्त्री प्रसन्न तो जीवन संपन्न :- हरे कृष्ण प्रकाश


स्त्री प्रसन्न तो जीवन संपन्न :- हरे कृष्ण प्रकाश 

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हमें जीवन भर यह याद रखनी चाहिए

स्त्री को कभी तनाव नहीं देना चाहिए,

उसकी भूलें भी हों अगर सामने,

तो मुस्कुराकर सुधार लेना चाहिए।


क्योंकि स्त्री प्रसन्न तो जीवन संपन्न

हमें इसे आत्मसात कर लेना चाहिए।



घर की स्त्री केवल व्यक्ति नहीं,

वह घर की धड़कन और शक्ति है।

उसके मन का सुकून ही सच में,

घर की लक्ष्मी, घर की उन्नति है।



जब उसकी आँखों में होती चिंता,

पूरा घर आँगन भारी हो जाता है।

लक्ष्मी को ताने नहीं, सम्मान चाहिए,

उसे दौलत नहीं, विश्वास चाहिए।


इसलिए स्त्री प्रसन्न तो जीवन संपन्न

हमें इसे आत्मसात कर लेना चाहिए।


जहां तनाव में स्त्री रखी जाती है,

वहां तरक्की कदम नहीं बढ़ाती है।

और जहाँ स्त्री सदैव मुस्कुराती है,

वहीं समृद्धि खुद चलकर आती है।


आवेश जब मन पर हावी होने लगे,

हमें शब्द नहीं, मौन चुनना चाहिए।

समझ, संयम और थोड़ा सा प्रेम,

बस इतना सा सुंदर प्रयास चाहिए।

 

क्योंकि स्त्री प्रसन्न तो जीवन संपन्न

हमें इसे आत्मसात कर लेना चाहिए।


       हरे कृष्ण प्रकाश 

 (युवा कवि पूर्णियां बिहार)

संपर्क:- 9709772649



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