4/9/26

कुछ सब्र ( हिंदी कविता) :- साक्षी कुमारी

 


शीर्षक:- कुछ सब्र  

कुछ राज रखो ,

कुछ खास रखो।

अगर हो सके ,,

कुछ अपने पास रखो।।

जीवन के उसे मोड पर ,

जहां कोई भी ना साथ हो।

उम्मीद रखो तुम ,,

तुम मजबूत रहो।।

अपने हर सवाल का,

 आज ही जवाब दो ।

गैरों के विश्वास पर ,,

ना तुम कभी विश्वास रखो।।

मान नहीं, सम्मान नहीं ,

हो जहां कमजोर तुम ही।

उम्मीद रखो तुम ,,

उम्मीद रखो।।

कर्म जहां है ,

फल वहां है ।

आज नहीं तो कल ही सही,,

लेकिन अभी तो बस सब्र सही।।


साक्षी कुमारी ✍️

(सहरसा)

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