Showing posts with label कोर्स बेचने वाला शिक्षक पर कारवाई. Show all posts
Showing posts with label कोर्स बेचने वाला शिक्षक पर कारवाई. Show all posts

2/5/26

BPSC शिक्षकों का ‘ऑनलाइन धंधा’ बेनकाब! सोशल मीडिया पर कोर्स बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, जानिए शिकायत प्रक्रिया

अब सोशल मीडिया पर ‘कोर्स का कारोबार’ नहीं चलेगा: बिहार सरकार सख्त, BPSC शिक्षकों समेत कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू — शिकायत के लिए जारी हुए आधिकारिक नंबर



बिहार में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की कार्यशैली में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। हाल ही में बिहार मंत्रिमंडल ने बिहार सरकारी कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर नियम पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिए गए हैं।

नए प्रावधानों का सीधा असर राज्य के सभी सरकारी कर्मियों पर पड़ेगा, जिसमें BPSC के माध्यम से नियुक्त शिक्षक भी शामिल हैं। ऐसे में टेलीग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सशुल्क कोर्स (Paid Courses), ऑनलाइन क्लास या निजी शिक्षण सामग्री बेचकर आय अर्जित करने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।

कैबिनेट का बड़ा फैसला: सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त नियंत्रण

राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ‘बिहार लोक सेवक आचरण (संशोधन) नियम, 2026’ के तहत अब सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

नए नियमों के अनुसार:

किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट को बनाने से पहले सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति अनिवार्य

गुमनाम या छद्मनाम (Fake ID) खाते पूरी तरह प्रतिबंधित

निजी सोशल मीडिया संचालन में सरकारी ईमेल या आधिकारिक मोबाइल नंबर के उपयोग पर रोक

ऐसा कोई भी कंटेंट या गतिविधि वर्जित, जिससे सरकारी पद की गरिमा प्रभावित हो या निजी लाभ प्राप्त हो

सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच सरकारी सेवकों की जवाबदेही और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।

ACS बी. राजेंदर का सख्त बयान

अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) डॉ. बी. राजेंदर ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“लोक सेवकों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के बार-बार दुरुपयोग के उदाहरण सामने आए हैं। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और इस संबंध में विस्तृत नियम अधिसूचित किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकारी सेवा का अर्थ है पूर्णकालिक समर्पण, न कि सोशल मीडिया के जरिए निजी कमाई या व्यावसायिक गतिविधियां चलाना।

BPSC शिक्षकों पर क्यों सख्ती?

शिक्षा विभाग के अनुसार, हाल के महीनों में ऐसी शिकायतें बढ़ी हैं कि कुछ नवनियुक्त BPSC शिक्षक:

टेलीग्राम पर पेड ग्रुप चला रहे हैं

व्हाट्सएप बैच बनाकर फीस वसूल रहे हैं

यूट्यूब/ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सशुल्क कोर्स बेच रहे हैं

सरकारी शिक्षक की पहचान का उपयोग कर भरोसा और कमाई दोनों बढ़ा रहे हैं

विभाग का कहना है कि यह गतिविधियां सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन हैं, क्योंकि शिक्षक का प्राथमिक दायित्व विद्यालय और विद्यार्थियों के प्रति है।

क्या हो सकती है कार्रवाई?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी निजी व्यावसायिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो:

विभागीय जांच

वेतन रोक

निलंबन

पदावनति

सेवा समाप्ति

जैसी सख्त कार्रवाई संभव है।

गंभीर मामलों में विजिलेंस जांच या कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

ऐसे करें शिकायत — सरकार ने जारी किए आधिकारिक माध्यम

यदि आपके पास किसी शिक्षक/कर्मचारी द्वारा अवैध रूप से कोर्स बेचने या निजी कोचिंग चलाने के प्रमाण हैं, तो आप निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

📞 टोल-फ्री हेल्पलाइन

14417

1800-345-4417

☎️ शिक्षा विभाग कंट्रोल रूम

0612-2215181

📧 ईमेल

secy-edn-bih@nic.in

directorse.edu@gmail.com

directorpe.edu@gmail.com

🌐 ऑनलाइन

ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) या राज्य स्तरीय शिकायत पोर्टल

शिकायत करते समय क्या रखें साथ?

शिक्षक का नाम व पद

स्कूल/पोस्टिंग विवरण

सोशल मीडिया लिंक

स्क्रीनशॉट/वीडियो/पेमेंट प्रूफ

तारीख व घटना विवरण

जितने स्पष्ट प्रमाण होंगे, कार्रवाई उतनी तेज होगी।

छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए सलाह

शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी भ्रामक विज्ञापन या ‘गारंटी’ वाले दावों के झांसे में न आएं। किसी भी कोर्स के लिए भुगतान करने से पहले उसकी वैधता जरूर जांच लें।

निष्कर्ष

बिहार सरकार का संदेश साफ है —

“सरकारी सेवा में अनुशासन सर्वोपरि है। शिक्षा मिशन है, व्यापार नहीं।”

सोशल मीडिया पर निजी कमाई के लिए नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की सजगता भी उतनी ही जरूरी है।


नोट:- अपनी रचना प्रकाशन या वीडियो साहित्य आजकल से प्रसारण हेतु साहित्य आजकल टीम को 9709772649 पर व्हाट्सएप कर संपर्क करें, या हमारे अधिकारीक ईमेल sahityaaajkal9@gmail.com पर भेजें।