शीर्षक :- युवाशक्ति
उठो जागो और चलो
नफ़रत के बंधन को तोड़ो
हम सब है एक ही नदी की धारा
क्यों है अलगाव का प्यारा
प्रेम जहां है जीवन दिशा
शक्ति है सम्मान
हम वहां हैं जन्मे
जहां सब है एक समान
फिर भी गये फंस हम राजनीति के चंगुल मे
लड़ाते है हमें धर्म जाति पर ये अपने स्वार्थ में
छात्र बन जाते देशद्रोही
किसान आतंकवादी है
जो करें विरोध असत्य का
वो अपराधी महान है
यदि लालजी उपाध्याय करें विरोध तो
किसी बड़े अपराधी का खानदान है।
✍️ लालजी उपाध्याय
( गोंडा, उत्तरप्रदेश)

