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9/23/26

प्रिय वार्डन आप हो बड़ी अच्छी:- शिवानी कुमारी


प्रिय वार्डन 

आप हो बहुत अच्छी

सबका रखती हो ख्याल

लेकिन खुद हो जाती बेहाल

मन में उदासी चेहरे पर मुस्कान

कल देखी वही पहचान !

जब आती हो

डर जाते सभी आप से

भूत, प्रेत, डायन से नहीं

ज्ञानी, बुद्धिमान, अनुभवी आ रहे

सभी को इस बात का डर था

कुछ पूछ न दें हम से !


सबको बोलती, बताती, समझाती हो

उतना हँसाती भी

माता-पिता की याद भुला देती

सबके दुखों में देती साथ

अपने दुखों में हो जाती बेहाल !

सृजनकार:- शिवानी, हजारीबाग



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