Showing posts with label साक्षी 2. Show all posts
Showing posts with label साक्षी 2. Show all posts

1/3/26

शीर्षक हिंदी साहित्य:- साक्षी कुमारी


 शीर्षक हिंदी साहित्य:- साक्षी कुमारी 

दुनिया की हर फटकार से,

अपने इस छोटे ख्वाब से,

समय की हर रफ्तार से,

मैंने खुद को आगे पाया है।


बातों को अनसुना कर,

हिम्मत जुटाया है।

गैरों को छोड़कर मैंने,

हिंदी साहित्य अपनाया है।


अपने इस मातृभाषा का ,

मैंने सर पर तिलक लगाया है।

कई भाषाओं को छोड़कर 

मैंने हिंदी साहित्य अपनाया है।


भाषाओं के मेल से ,

अनेक शब्दों के खेल से।

खुद को मैंने समझाया है,

हिंदी साहित्य ही अपनाया है।

✍️ साक्षी कुमारी 

पिता:- ये राकेश झा 

 ( गोआरी सहरसा बिहार