शीर्षक : इंतजार
हमेशा किसी चीज के लिए,
इंतजार करना सीखो।
क्योंकि बेताबी से,,
वह हासिल नहीं हो सकता।।
हर मोड़ पर,
हर संघर्ष के लिए तैयार रहो।
हर बार खुद को,,
और इंतजार करना सिखाओ।।
इंतजार का सफर लंबा हो,
हर लम्हा इंतजार हो।
इंतजार का सफर भी,,
हमारा, तुम्हारा,सबका सफल हो।।
बेशक नादानगी इंतजार हो,
मगर नापसंदगी इंतजार न हो।
सबका एक ख्वाब हो,,
हर बार हर एक का इंतजार हो।।
साक्षी कुमारी ✍️
पिता - श्री राकेश झा
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